Aaj ka Suvichar 15/05/2019

ख्वाहिशो ने ही भटकाये है, जिंदगी के रास्ते,
वरना
रूह तो उतरी ही थी ज़मीं पे, मँजिल का पता लेकर।

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मां आपके श्री चरणों में सादर प्रणाम, मातृत्व दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं….

मां आपके श्री चरणों में सादर प्रणाम,

मातृत्व दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं .

वह (मां) मुझे जानती मुझसे ज्यादा है,

उन्हें (मां) खबर मेरी मुझसे ज्यादा है..

मेरी कुछ फिलिंग ….

हर दिन में ना 24 घंटे होते हैं और हर 1 मिनट की वैल्यू होती है ,

क्योंकि 1 मिनट भी वेस्ट तो बाकी समय स्टॉलमेंट में,
पता नहीं कब समझोगे तुम,

हमेसा लेट कभी वक़्त पे नही आती हो

और पूछो तो वही हज़ारो बहाने में से एक और बहाना ट्रैफिक ,

और ट्रफिक न मिले तोह घड़ी देखना भूल गई,

पर उसे फर्क नही पड़ता,

वो कहती है,

कि जिंदगी कहानी की तरह होती है,

नही,

कहानी जिंदगी की तरह होती है,

जो अक्सर शुरू होती है, खत्म होने के लिये,

और इन दोनों के अंत का फैसला शुरुवात में तय किया जाता है ,

कहानी वो नही होती है जो हम बनाते है ,

कहानी वो होती है जो वक़्त बनाता है …..

@Sourabh_Nareti

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंजिल आसान करो..
हैं फ़ूल रोकते, काटें मुझे चलाते..
मरुस्थल, पहाड चलने की चाह बढाते..
सच कहता हूं जब मुश्किलें ना होती हैं..
मेरे पग तब चलने मे भी शर्माते..
मेरे संग चलने लगें हवायें जिससे..
तुम पथ के कण-कण को तूफ़ान करो..
मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंजिल आसान करो..
………….गोपालदास “नीरज”