आतंकवाद की छाती पर जब गहरा आघात करेंगे , तब ही अब देश से अपने देशभक्ति की बात करेंगे ।।

आतंकवाद की छाती पर जब गहरा आघात करेंगे ,
तब ही अब देश से अपने देशभक्ति की बात करेंगे ।।

जब तक हम बस निंदा करके,
अपना फ़र्ज़ निभाएँगे ।
ये आतंकी अजगर हमको यूँ ,
ही निगलते जाएँगे ।
इतना साहस कहाँ से लाकर,
हमको धमकी देते हैं,
उम्मीद है अब दिल्ली से ये
तीखा प्रत्युत्तर पाएँगे।
जब तक ना शहीदों की बेवा को दे पाएँ इंसाफ़,
तब तक ५६ इंच की छाती पर ना करें विश्वास !!
अब ख़ून का बदला ख़ून ही होगा ये सारे नेता सुन लें ,
वरना देश की गद्दी छोड़े और हिमालय को चुन लें।
जब तक ना करेंगे वार दुश्मनों के सीने पर गोली से ,
दूर रहेंगे ईद, दिवाली और दशहरा , होली से ।।
अब जब हम आतंकवाद पर परमाणु का देंगे दाग़ ,
तब ही अब देश से अपने देशभक्ति की बात करेंगे ।।

अब दुश्मन की सीमा में ,
घुसो और संहार करो ।
छाती पर अब दुश्मन के,
और कड़ा प्रहार करो ।
अल्हड़ ये जवानी देश की ,
देश के लिए समर्पित है ।
पहले मारो दुश्मन को,
फिर ही मौत को अंगीकार करो ।
अब इन कायर ग़द्दारों से तनिक भी देखो डरना मत ,
जब तक बदला ना ले लो देखो की तुम मरना मत ।
तुम पर उधार इस धरती की देखो ये वीर जवानी है ,
गर अब भी तुम चुप बैठे तो रगों में भर गया पानी है ।
वसुंधरा ये भारत की कायर को जनम नहीं देती ,
मिट्टी ये वतन की मेरे ग़द्दारों को तिलक नहीं देती ।
जब साफ़ करें इंसाफ़ करें आतंकवाद ना माफ़ करें
तब ही अब देश से अपने हम देशभक्ति की बात करेंगे ।।

कवि
मलिका राजपूत
१६-०२-२०१९

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बेचारा कहकर देश के सैनिक की ना जवानी धिक्कारो , बहुत हो गयी भाषणबाज़ी खुलकर दुश्मन ललकारो ।।

बेचारा कहकर देश के सैनिक की ना जवानी धिक्कारो ,
बहुत हो गयी भाषणबाज़ी खुलकर दुश्मन ललकारो ।।

जाँबाज़ जवानी सेना की ,
दुखी नहीं अब क्रुद्ध करे ।
सत्ता मिलकर साथ जवानों ,
के दुश्मन से युद्ध करे ।।

वो वीरगति को पहुँचे है उनकी मौत का मातम मत करना
अब उनके क़ातिल जहाँ मिले बस दिखते ही गोली मारो
बेचारा कहकर देश के सैनिक की ना जवानी धिक्कारो ,
बहुत हो गयी भाषणबाज़ी खुलकर दुश्मन ललकारो ।।

दोमुँहा सर्प आतंकवाद है ,
दोनो इसके फ़न कुचलो ।
आग भारी जो सीने में ,
पाकिस्तान पर अब उगलो।।

वीर हमारे सेना के मत इनको तुम दो ख़ामोशी ।
बनकर शेर देश के अब ग़द्दारों पर चिंघारो ।।

कवि
मलिका राजपूत
१६-०२-१९

आतंकवाद पर दुश्मन से अब कोई बात नहीं होगी…..

आतंकवाद पर दुश्मन से अब कोई बात नहीं होगी,
बदले के सिवा जनता भारत की सत्ता के साथ नहीं होगी,
सुनलो मोदी सुनलो राहुल जब तक ना मिटेगा पाकिस्तान
जनता के वोटों की तुम पर बरसात नहीं होगी ।।।

जो लहू बहा है बेटों का वो लहू,
अगर बेकार गया !!
ये समझो की इस देश का ५६ इंचि,
सीना बेकार गया ।।

है फ़िक्र जिसे इस देश की वो अब लड़ने को तैयार रहे ,
गर साथ रहे तो दुश्मन की फिर से औक़ात नहीं होगी ।।

पहचानो सीमा के दुश्मन उनके,
सीने पर गोली दागो !!
उठो जवानी देश की अब उठो,
और अब तुम जागो ।।

कहीं ये सत्ता के लोभी फिर ना समझौता कर लें?
इससे पहले समझा दो अब कोई बात नहीं होगी ।।

लेखक
मलिका राजपूत
१६-०२-२०१९

This Valentine’s❤️

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आँखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है…!

❤️ Valentine’s

स्नेह में ही असली “ताकत” है …

स्नेह में ही “ताकत” है…
“समर्थ” को झुकाने की…

वरना “सुदामा” में कहाँ ताकत थी..
“श्रीकृष्ण” से पैर धुलवाने की…!!!