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दीवाली,,,

एक दुआ मांगते है हम अपने भगवान से

चाहते है आपकी ख़ुशी पुरे ईमान से

सब हसरतें पूरी हो आपकी

और आप मुस्कुराएं दिल-ओ-जान सें

आप सभी को दिवाली मुबारक

लिखना क्यों जरुरी है ?

अपने तनाव और परेशानीयों को कम करने के लिए लिखें-डॉ. जेम्स डब्लू पेननेबैकर, मनोविज्ञान विभाग, टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन ने अभिव्यक्त पुर्ण लेखन के स्वास्थ्य  पर अनेक शोध में अनेक फायदे देखें हैं ।

अभिव्यक्ति लेखन: मन की बातें   लिखना  अभिव्यक्त का  रचनात्माक माध्यम  हैं । मन की  बातों को लिख कर अचेतन में दबी बातों के नाकारात्मक असर को कम किया जा सकता है।

लेखन एक चिकित्सा –  लेखन मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि एक तरह का  चिकित्सा भी है ।

अपने विचारों और भावनाओं को लिखें – अच्छे शारीरिक  और भावनात्मक स्वास्थ के लिए लिखना फायदेमंद है।

लेखन  मस्तिष्क  का व्यायाम है – एक नए अध्ययन में पाया गया कि लिखना  अौर  पढ़ना जैसे शौक  दिमाग-के व्यायाम  की गतिविधियों है, जो  हर  उम्र में लाभदयक है। यह याददाश्त, फ़ोकस, मूड आदि  में सुधार करता है।

अलौकिक प्रेम,,, 

कान्हा ने राधा से पूछा, कहाँ है तु खोई-खोई?

क्यों तु  लग रही है  रोई-रोई  ?

राधा ने कहा —

कुछ रिश्ते भावनाअों -एहसासों मे ङूबे होते हैं।

इसलिए निर्दोष होते हैं …
 सुंदर होते हैं…… 
मैंने जितना तुम्हें  खोजा,
जितना अधिक जाना,
उतना  अौर पाना चाहा, पर पाया  नहीं !

कान्हा ने कहा – इसलिये क्योकिं,

अपने दिल में तो तुने झाँका हीं नहीं……

हर मंदिर में तु ही तो  होती है  मेरे साथ। 

सकारात्मक सोच की शक्ति,,,,

विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है| विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है|

सकारात्मक सोच की शक्ति